शिवमहापुराण संस्कारों की कथाः आचार्य महामाया प्रसाद

देहरादून। सरस्वती विहार विकास समिति के तत्वावधान में शिव शक्ति मंदिर सरस्वती विहार अजबपुर खुर्द में शिव महापुराण कथा के षस्टम दिवस के अवसर पर कथा महात्म्य में आचार्य महामाया प्रसाद ने कहा की शिवमहापुराण संस्कारों की कथा है। कार्तिकेय और गणेश जी, भगवान शिव के पुत्रों की कथा सुनाते हुए आचार्य महामाया प्रसाद ने कहा कि जो पुत्र माता पिता को भगवान के रूप में पूजता है वह समाज में पूजनीय बनता है।
इस भौतिक वादी युग में हम बच्चों को लौकिक शिक्षा तो दे रहे हैं पर संस्कार नहीं दे पा रहे है लौकिक शिक्षा से अच्छी सर्विस तो मिल सकती है पर माता पिता का सम्मान करने वाला पुत्र केवल सनातन के संस्कारों से ही बन सकता है।
भगवान गणपति जो प्रथम वंदनीय बने उसका कारण केवल माता पिता का ही आशीवार्द है, आज का समाज बच्चों को मोटर कार तो दे रहा है पर संस्कार नहीं दे पा रहा है। कथा में क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काउ ने समिति द्वारा सावन मास की पावन अवसर पर शिव महापुराण कराने की सराहना की और सभी भक्तों की मनोकामना करने की भगवान शिव से प्रार्थना की। क्षेत्रीय पार्षद सोहन सिंह रौतेला ने कथा में उपस्थित सभी लोगों का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष पंचम सिंह बिष्ट वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीएस चैहान, उपाध्यक्ष कैलाश राम तिवारी, सचिव गजेंद्र भंडारी, मंदिर संयोजक मूर्ति राम बिजलवान, सह संयोजक दिनेश जुयाल, गणेश विहार विकास समिति के अध्यक्ष मुकेश चमोली, योगेश घंनसाला, विजय सिंह रावत, मंगल सिंह कुट्टी, जयप्रकाश सेमवाल, चिंतामणि पुरोहित, बसंत सिंह दफोनी, बीपी शर्मा, पीएल चमोली, आशीष गुसांईं, आचार्य उदय प्रकाश नौटियाल, आचार्य सुशांत जोशी, आचार्य अखिलेश बधानी, वेद किशोर शर्मा आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *