बास्केटबॉल टूर्नामेंट में द पेसल वीड स्कूल पाँच मुकाबले जीतकर चैंपियन बना

देहरादून। द पेसल वीड स्कूल ने एक बार फिर स्कूली बास्केटबॉल में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराया है। सीबीएसई क्लस्टर अंडर-17 बास्केटबॉल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय की टीम ने सभी पाँच मुकाबले जीतकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यह उपलब्धि कौशल, अनुशासन और टीम भावना के उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है।
यह विजय कोई एकाकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि वर्षों की निरंतर मेहनत, प्रतिबद्धता और समर्पित प्रशिक्षण की परिणति है, जो कोच शिवम पंवार के मार्गदर्शन में किया गया। ट्रॉफियों और पदकों की चमक आने से बहुत पहले ही इन युवा खिलाड़ियों ने सुबह जल्दी उठकर बास्केटबॉल कोर्ट पर कदम रखा और घंटों अनुशासित अभ्यास किया। अनगिनत सुबहों में किए गए ड्रिल्स, फिटनेस सत्र, बार-बार शॉट्स का अभ्यास, रणनीतिक प्रशिक्षण और अथक परिश्रम अब एक विजयी विरासत में परिवर्तित हो चुके हैं।
टीम की हालिया उपलब्धियाँ दर्शाती हैं कि यह सफलता एक मजबूत और निरंतर विकसित होती नींव पर निर्मित हुई है। विद्यालय ने डीपीएसजी बास्केटबॉल टूर्नामेंट में प्रथम स्थान प्राप्त किया, आईपीएससी 2026 बास्केटबॉल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया और जिला स्तरीय अंडर-19 प्रतियोगिता में विजेता बनने का गौरव हासिल किया। विभिन्न स्तरों की इन प्रतियोगिताओं में मिली सफलताएँ द पेसल वीड स्कूल में बास्केटबॉल की बढ़ती शक्ति और निरंतरता को दर्शाती हैं। सीबीएसई क्लस्टर अंडर-17 टूर्नामेंट में टीम ने पूरे प्रतियोगिता के दौरान अपनी विजयी लय बनाए रखीरू प्रथम चरणरू मेयूर स्कूल, नोएडा को 38-17 से हराया
क्वार्टर फाइनलरू सेंट एंड्रयू स्कूल, आगरा को 32दृ26 से हराया, नॉकआउट मुकाबलारू डीपीएस नोएडा को 42-32 से हराया , सेमीफाइनलरू मेरठ पब्लिक स्कूल को 38दृ35 से हराया, फाइनलरू नेहरू वर्ल्ड स्कूल, गाजियाबाद को 33-28 से हराया पाँच मुकाबले। पाँच जीत। एक शानदार चैंपियनशिप। यह उपलब्धि खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और उनके प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का गौरवपूर्ण प्रतिबिंब है। प्रशिक्षकों के निरंतर प्रयासों ने प्रतिभा को प्रतिस्पर्धात्मक उत्कृष्टता में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। द पेसल वीड स्कूल के चेयरमैन डॉ. प्रेम कश्यप ने कहा कि टीम ने यह सिद्ध कर दिया है कि सच्चे चैंपियन फाइनल के दिन नहीं बनतेय वे सुबह की शुरुआत, खाली कोर्ट, निरंतर अभ्यास, असफलताओं, अनुशासन और हर दिन पहले से अधिक मजबूत होकर लौटने के संकल्प से तैयार होते हैं।

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