नई दिल्ली में सजा उत्तराखंड के क्षेत्रीय सिनेमा और संगीत का भव्य मंच, Young Uttarakhand Cine Awards 2026 में उत्कृष्ट कलाकारों का सम्मान

नई दिल्ली : राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम ऑडिटोरियम में रविवार (30 अगस्त 2026) को उत्तराखंड के क्षेत्रीय सिनेमा, लोकसंगीत और लोकसंस्कृति के सम्मान में Young Uttarakhand Cine Awards (YUCA) 2026 का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में वर्ष 2025 में उत्तराखंड के क्षेत्रीय सिनेमा एवं संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों, फिल्मकारों, गायकों, संगीतकारों और अन्य प्रतिभाओं को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इस समारोह में उत्तराखंड की कला एवं संस्कृति से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित कलाकार, फिल्मकार, संगीतज्ञ और कला प्रेमी उपस्थित रहे।

प्रसिद्ध वरिष्ठ रंगकर्मी एवं कई फिल्मों एवं म्यूजिक अलबमों में अभिनय करने वाले श्री बिमल बहुगुणा जी को Young Uttarakhand Lifetime Achievement Award तथा प्रसिद्ध लोकगायक, जागर सम्राट एवं पद्म  प्रीतम भरतवाण जी को Gopal Babu Goswami Legendary Singer Award से सम्मानित किया गया। फिल्म श्रेणी के अंतर्गत वर्ष 2025 में अपना उत्कृष्ट योगदान के लिए निम्न कलाकारों को यंग उत्तराखंड सिने अवार्ड्स की ट्रॉफी के साथ विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया –

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मुख्य भूमिका) – सुनील सिंह (फिल्म – रैबार)
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मुख्य भूमिका) सयुंक्त रूप से – करिश्मा शाह (फिल्म- घपरोल) एवं कल्याणी गंगोला (फिल्म – द्वी होला जब साथ)
सर्वश्रेष्ठ खलनायक – कैलाश कंडवाल (फिल्म – घपरोल)
सर्वश्रेष्ठ हास्य कलाकार – दीपक बंगवाल (फिल्म – घपरोल)
सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता – दीपक रावत (फिल्म- खोली का गणेश)
सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री – सुमन गौड़ (फिल्म – रैबार)
सर्वश्रेष्ठ छायाकार – धर्मेन्द्र सिसोदिया (फिल्म – रैबार)
सर्वश्रेष्ठ कहानी – शिशिर उनियाल/ भगत सिंह सैनी (फिल्म – रैबार)
सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्देशक – शिशिर उनियाल (फिल्म – रैबार)
सर्वश्रेष्ठ फिल्म – रैबार
सर्वश्रेष्ठ पृष्ठभूमि संगीत – विभू काशिव (फिल्म – रैबार)

म्यूजिक श्रेणी के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में विजेता कलाकार

सर्वश्रेष्ठ गीतकार – नरेन्द्र सिंह नेगी (गीत- कु रै होला छुंयाल)
सर्वश्रेष्ठ संगीतकार – कुशाल सिंह नील (गीत- पंचाचूली देश)
सर्वश्रेष्ठ छायांकन – धर्मेन्द्र सिंह जेठा (गीत- मेरी माया रौली)
सर्वश्रेष्ठ गायक – गणेश मर्तोलिया (गीत- पंचाचूली देश)
सर्वश्रेष्ठ गायिका – रूचि जन्गपांगी (गीत- पंचाचूली देश)
सर्वश्रेष्ठ विडियो निर्देशक – सिद्ध भोज (गीत- आख्युं बात)
सर्वश्रेष्ठ अभिनय (पुरुष)- मोहित घिल्डियाल (गीत- कु रै होला छुंयाल)
सर्वश्रेष्ठ अभिनय (महिला)- करुणा श्रेष्ठ (गीत- पंचाचूली देश)
सर्वश्रेष्ठ गीत / प्रोडक्शन हाउस – पंचाचूली देश (चांदनी इंटरप्राइजेज प्रोडक्शन)

सर्वश्रेष्ठ फिल्म की विजेता रही ‘रैबार’ फिल्म और मिला एक लाख रुपये की सम्मान राशि

वर्ष 2025 की सर्वश्रेष्ठ फिल्म ‘रैबार’ रही और अभिव्यक्ति की कार्यशाला की ओर से फिल्म ‘रैबार’ को सम्मान स्वरूप ₹1 लाख की सम्मान राशि प्रदान की गई।

यह पुरुष्कार राशि न केवल फिल्म की रचनात्मक उपलब्धि का सम्मान है, बल्कि उत्तराखंड में सार्थक और गुणवत्तापूर्ण क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है।

लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने बांधा समां
पुरस्कार समारोह केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तराखंड की जीवंत लोकसंस्कृति का शानदार उत्सव भी बना। विभिन्न लोक कलाकारों ने अपने मनमोहक लाइव गायन और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों से भारत मंडपम के मंच पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत झलक प्रस्तुत की। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा सभागार उत्तराखंड की लोकधुनों और ताल पर झूमता नजर आया। पहली बार Young Uttarakhand Cine Awards के मंच पर नरेंद्र सिंह नेगी की विशेष प्रस्तुति समारोह का सबसे यादगार क्षण तब आया, जब उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी जी ने अपने लोकप्रिय गीतों की लाइव प्रस्तुति दी। पहली बार Young Uttarakhand Cine Awards के मंच पर उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों में विशेष उत्साह पैदा कर दिया। हजारों -लाखों उत्तराखंडियों के चहेते और आदर्श नरेंद्र सिंह नेगी जी ने जब मंच में प्रवेश किया तो पूरा सभागार तालियों के गड़गड़ाहट से गूँज उठा और पूरा सभागार उनके गीतों पर झूमने लगा।
Young Uttarakhand Cine Awards ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि उत्तराखंड का क्षेत्रीय सिनेमा और लोकसंगीत अपनी विशिष्ट पहचान के साथ राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी जगह और पहिचान बना रहा है। आयोजकों का कहना है कि नई पीढ़ी के कलाकारों और फिल्मकारों को मंच देने के साथ-साथ यह आयोजन उत्तराखंड की लोककला, संस्कृति और संगीत की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। भारत मंडपम में आयोजित इस भव्य समारोह ने उत्तराखंड की कला, संस्कृति, सिनेमा और संगीत को एक ही मंच पर समेटते हुए इसे कलाकारों के सम्मान और सांस्कृतिक गौरव का यादगार उत्सव बना दिया।

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