आशुतोष नेगी यूकेडी से निष्कासित

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल ने आशुतोष नेगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हे पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आशुतोष नेगी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित किया गया है। उत्तराखंड क्रांति दल से आशुतोष नेगी के निष्कासन के साथ ही उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है। निष्कासन से पहले उत्तराखंड क्रांति दल के अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने आशुतोष नेगी को बड़ी नसीहत दी थी। जिसका पालन नहीं करने पर आशुतोष नेगी को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
बता दें आशुतोष नेगी रायपुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में चुनाव से पहले इसे बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। इससे पहले यूकेडी ने आशुतोष नेगी को केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद से हटाया था। तब दल के केंद्रीय महामंत्री और केंद्रीय कार्यालय प्रभारी देव चंद उत्तराखंडी की ओर से इसे लेकर पत्र जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि केंद्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पार्टी शीर्ष नेतृत्व की ओर से लिए गए निर्णय के अनुसार आशुतोष नेगी को उत्तराखंड क्रांति दल में वर्तमान केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद और अन्य दायित्वों से तत्काल प्रभाव से पद मुक्त किया जाता है।
इसके दो महीने बाद ही अब यूकेडी ने आशुतोष नेगी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आशुतोष नेगी उत्तराखंड क्रांति दल के तेज तर्रार नेताओं में जाने जाते थे। वे अक्सर सड़क पर एक्शन में दिखाई देते हैं। यूकेडी यानी उत्तराखंड क्रांति दल की स्थापना 25 जुलाई 1979 को हुई थी। यह राज्य की एकमात्र क्षेत्रीय पार्टी है। यूकेडी ने राज्य आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। इस पार्टी का उद्देश्य उत्तराखंड का सर्वांगीण विकास, राज्य के निवासियों के अधिकारों और स्थानीय संस्कृति को बचाए रखना था। हालांकि राज्य बनने के बाद यूकेडी छिटपुट सीटें जीतने के बाद बैकग्राउंड में चली गई। इसके लिए इसके नेताओं की अति महात्वाकांक्षा को जिम्मेदार बताया जाता है।

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