आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप 2026 से पहले एक बड़े घटनाक्रम में, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने भारत से अपने मैच हटाने के बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अनुरोध को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है। इस गतिरोध में, जहाँ खेल और क्षेत्रीय भू-राजनीति का मेल देखने को मिल रहा है, आईसीसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अल्टीमेटम दिया है: टीम को मूल कार्यक्रम के अनुसार भारत की यात्रा करनी होगी, अन्यथा टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण अंक गंवाने के लिए तैयार रहना होगा।
यह निर्णय मंगलवार, 6 जनवरी, 2026 को आईसीसी और बीसीबी के बीच हुई एक वर्चुअल बैठक के दौरान सुनाया गया। चर्चा से परिचित सूत्रों ने संकेत दिया कि जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी अपने निर्धारित स्थलों पर कायम है। आईसीसी का मानना है कि विश्व कप जैसे बड़े आयोजन के रणनीतिक और अनुबंधात्मक ढांचे को दो क्रिकेट बोर्डों के बीच हालिया द्विपक्षीय तनाव के आधार पर बदला नहीं जा सकता।
विवाद की जड़: मुस्तफिजुर रहमान और आईपीएल का विवाद
वर्तमान तनाव की शुरुआत इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से हुई। दिसंबर 2025 में अबू धाबी में हुई नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को ₹9.20 करोड़ की भारी भरकम राशि में खरीदा था। हालांकि, यह करार जल्द ही राजनीतिक विवादों में घिर गया।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की खबरों के बाद, भारत में विभिन्न समूहों ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के शामिल होने का कड़ा विरोध किया। इस बढ़ते सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हस्तक्षेप किया।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने 3 जनवरी, 2026 को इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा:
“देश भर में चल रहे हालिया घटनाक्रमों के कारण, बीसीसीआई ने केकेआर को अपने खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया है। हमने फ्रेंचाइजी को यह भी सूचित किया है कि वे उनके स्थान पर दूसरे खिलाड़ी का चयन कर सकते हैं।”
इसका परिणाम तत्काल और तीखा रहा। बीसीबी ने इसे खेल से जुड़ा फैसला न मानकर एक लक्षित राजनीतिक कदम बताया। जवाब में, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अपने देश में 2026 आईपीएल सीजन के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही, बीसीबी ने भारतीय धरती पर अपने खिलाड़ियों की “सुरक्षा” का हवाला देते हुए आईसीसी से अपने मैचों को श्रीलंका स्थानांतरित करने की मांग की।
आईसीसी का सख्त रुख: खेलें या अंक गंवाएं
बीसीबी की चिंताओं के बावजूद, आईसीसी ने स्थानांतरण अनुरोध को खारिज कर दिया। वैश्विक संस्था ने बीसीबी को याद दिलाया कि टी20 विश्व कप 2026 की सह-मेजबानी भारत और श्रीलंका कर रहे हैं, और इसका कार्यक्रम महीनों पहले तय हो चुका था।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया, “आईसीसी ने बीसीबी से साफ कहा है कि उनकी टीम को अपने मैच खेलने के लिए भारत आना ही होगा, वरना उन्हें अंक गंवाने का जोखिम उठाना पड़ेगा।”
बीसीबी ने पहले “हाइब्रिड मॉडल” की वकालत की थी, जैसा अक्सर भारत-पाकिस्तान मैचों के लिए किया जाता है। लेकिन आईसीसी ने कथित तौर पर कहा कि ऐसे मॉडल विशिष्ट राजनयिक परिस्थितियों के लिए होते हैं और इन्हें किसी घरेलू लीग के अनुबंध टूटने की प्रतिक्रिया के रूप में लागू नहीं किया जा सकता।
टूर्नामेंट का कार्यक्रम: कोलकाता बनेगा बांग्लादेश का केंद्र
टी20 विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च, 2026 तक आयोजित होना है। बांग्लादेश को ग्रुप सी में रखा गया है, जिसमें इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी दिग्गज टीमें शामिल हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, कोलकाता का ईडन गार्डन्स बांग्लादेश टीम के लिए मुख्य केंद्र होगा। उनका अभियान 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होगा।
बांग्लादेश का संभावित कार्यक्रम:
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7 फरवरी, 2026: बनाम वेस्टइंडीज (ईडन गार्डन्स, कोलकाता)
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9 फरवरी, 2026: बनाम इटली (ईडन गार्डन्स, कोलकाता)
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14 फरवरी, 2026: बनाम इंग्लैंड (ईडन गार्डन्स, कोलकाता)
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17 फरवरी, 2026: बनाम नेपाल (वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई)
विशेषज्ञों का कहना है कि इन मैचों को स्थानांतरित करना एक बड़ी चुनौती होगी, जिसमें टिकट रिफंड, प्रसारण अधिकारों पर दोबारा बातचीत और हजारों प्रशंसकों की सुरक्षा जैसे जटिल मुद्दे शामिल हैं।
क्या बांग्लादेश भारत आएगा?
7 जनवरी, 2026 तक, बीसीबी ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है कि वह आईसीसी के निर्देश का पालन करेगा या आगे अपील करेगा। यदि बांग्लादेश भारत में खेलने से इनकार करता है, तो उसे न केवल अंकों का नुकसान होगा, बल्कि भविष्य के आईसीसी आयोजनों से प्रतिबंध और भारी वित्तीय जुर्माने का भी सामना करना पड़ सकता है।
टूर्नामेंट शुरू होने में अब केवल एक महीना बचा है, और पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं। क्या खेल की भावना सर्वोपरि रहेगी, या 2026 का टी20 विश्व कप मैदान पर प्रदर्शन के बजाय राजनीतिक उथल-पुथल के लिए याद किया जाएगा?