बेतिया के GMCH में जब एंबुलेंस चालक को वार्डों में घूमते पाया गया तो लोग इसे देखकर हैरान रह गए। एंबुलेंस चालक लोगों को गंभीर बीमारियों का डर दिखाकर उन्हें गोरखपुर रेफर किया करता था और अस्पतालों से कमीशन के रूप में मोटे पैसे लेता था। वीडियो के वायरल होने के पश्चात अस्पताल प्रशासन की आंखें खुलीं और अस्पताल प्रशासन ने इस पर कार्रवाई करने के आदेश दिए। यह घटना अस्पताल की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाती है और अस्पताल प्रशासन पर बड़े सवाल उठाती है।
बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMCH) की एक घटना ने लोगों को चौका दिया है, जहां एक एंबुलेंस चालक को चिकित्सक का पोशाक पहन वार्डों में घूमने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि यह फर्जी चिकित्सक गले में आला (स्टैट्सकोप) तथा चिकित्सक की उजली पोशाक पहनकर आम चिकित्सकों जैसा दिख रहा है और वार्डों में घूमते हुए निरीक्षण तथा मरीजों से बातें भी कर रहा है।
बताया जा रहा है कि यह फर्जी चिकित्सक मरीज के परिवार वालों से बातचीत करता है और उन्हें मरीज की गंभीर बीमारी की झूठी कहानी बनाकर डराता है, जिसे लोग बीमारी की गंभीरता के बारे में सोचकर उसके बातों में पड़ जाते हैं। फर्जी चिकित्सक उन्हें रेफर कर देता है और उनके साथ एंबुलेंस में बैठकर गोरखपुर जाता है, जहाँ उसे मरीजों को लाने का कमीशन मिलता है। वह इस काम को वर्षों से कर रहा है, अस्पताल प्रशासन को इसकी सुगबुगाहट भी नहीं है, जिसे लगता है वह इस काम में निपुण हो गया है।
वायरल वीडियो की खोजबीन की जा रही है
जैसे ही यह वायरल वीडियो लोगों के जरिए अस्पताल प्रशासन तक पहुँची, अस्पताल प्रशासन के अफरातफरी मच गई। शुरुआती सूचना के अनुसार, जिसने कथित रूप से चिकित्सक का भेष धारण कर मरीजों और उनके परिवार के लोगों को झूठी बीमारी की गंभीरता बता कर भ्रमित किया, वह व्यक्ति एंबुलेंस चालक बताया जा रहा है।
इस गंभीर मामले को देखते हुए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMCH) प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। डॉक्टर सुधा भारती (अस्पताल अधीक्षक) का कहना है कि वायरल वीडियो की सच्चाई की गहन जांच की जा रही है तथा जो इसमें दोषी पाए जाएंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस गंभीर और डरावने घटना ने अस्पताल की प्रमाणिकरण पद्धति और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।